बरेली। आंवला क्षेत्र में लगातार बारिश के बीच सोमवार शाम अरिल नदी के रपटा पुल पर बड़ा हादसा हो गया। पुल के ऊपर तेज बहाव के बीच बाइक से गुजर रहे तीन युवक नदी में बह गए। करीब 15 घंटे चले सघन रेस्क्यू अभियान के बाद मंगलवार को गोताखोरों ने दो युवकों के शव बरामद कर लिए। मृतकों की पहचान प्रेम और विष्णु स्वरूप के रूप में हुई है। दोनों विशारतगंज के आंबेडकर नगर वार्ड के निवासी बताए जा रहे हैं। तीसरे युवक की तलाश अभी जारी है।
पुल के ऊपर बह रहा था डेढ़ से दो फीट पानी
हादसा सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे आंवला-अतरछेड़ी मार्ग पर डरुआपुर गांव के पास अरिल नदी के रपटा पुल पर हुआ। लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ था और पुल के ऊपर करीब डेढ़ से दो फीट पानी तेज बहाव के साथ बह रहा था।
इसी दौरान तीन युवक एक बाइक पर सवार होकर पुल पार करने लगे। पुल के बीच पहुंचते ही तेज बहाव के कारण बाइक का संतुलन बिगड़ गया। बाइक फिसलने के साथ तीनों युवक नदी में जा गिरे और तेज धारा में बहने लगे।
ग्रामीणों ने किया था रोकने का प्रयास
प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीणों के मुताबिक, पुल पर तेज बहाव देखकर उन्होंने युवकों को आगे जाने से रोकने की कोशिश की थी। उन्हें नदी के बढ़े जलस्तर और खतरे के बारे में चेतावनी भी दी गई, लेकिन युवक बाइक लेकर पुल पर आगे बढ़ गए। कुछ ही दूरी पर पहुंचते ही बाइक असंतुलित हो गई और तीनों नदी में गिर गए।
घटना का वीडियो भी सामने आया है। इसमें नदी में गिरने के बाद तीनों युवक तेज बहाव के बीच तैरकर बाहर निकलने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि कुछ देर बाद पानी का तेज बहाव उन्हें अपने साथ बहा ले गया।
रातभर चला तलाश अभियान
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। जिलाधिकारी अविनाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य समेत अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और रेस्क्यू अभियान की निगरानी की।
रात में भी पुलिस और प्रशासन की टीमों ने नदी के आसपास तलाश की, लेकिन अंधेरा और तेज बहाव अभियान में बाधा बने रहे।
मंगलवार सुबह नौ गोताखोरों की टीम ने दोबारा सघन तलाशी अभियान शुरू किया। करीब 250 मीटर के दायरे में नदी को खंगाला गया। कई घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने दो युवकों के शव नदी से बरामद कर लिए।
तीसरे युवक की तलाश जारी
बरामद शवों की पहचान प्रेम और विष्णु स्वरूप के रूप में हुई है। दोनों विशारतगंज के आंबेडकर नगर वार्ड के रहने वाले बताए जा रहे हैं। शव मिलने की सूचना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।
वहीं तीसरे युवक का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। गोताखोर नदी के बहाव की दिशा में लगातार तलाश कर रहे हैं। बढ़े जलस्तर और तेज धारा के कारण रेस्क्यू टीम को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
रपटा पुलों की सुरक्षा पर उठे सवाल
हादसे के बाद बरसात के दौरान रपटा पुलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश में नदी का जलस्तर बढ़ने पर पुल के ऊपर तेज पानी बहता है। ऐसे समय में वाहनों और लोगों की आवाजाही रोकने के लिए प्रभावी बैरिकेडिंग और निगरानी की व्यवस्था जरूरी है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने या रपटा पुल के ऊपर पानी बहने की स्थिति में जोखिम लेकर पुल पार न करें। तेज बहाव में पानी की गहराई और धारा की ताकत का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है और थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।










