बरेली। रामगंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित कटान को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। इसी क्रम में तहसील मीरगंज के ग्राम कपूरपुर में रामगंगा नदी के बाएं किनारे स्थित प्राचीन रामगंगा मंदिर परिसर के पास चल रहे फ्लड फाइटिंग कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान नदी के बहाव, कटान प्रभावित क्षेत्रों और मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सुरक्षात्मक कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप युद्धस्तर पर पूरा कराए जाएं और संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाए।
अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि यदि रामगंगा नदी के जलस्तर में और वृद्धि होती है तो तत्काल अतिरिक्त सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं, ताकि संभावित बाढ़ और कटान से जन-धन की सुरक्षा की जा सके।
ग्रामीणों से किया संवाद
निरीक्षण के दौरान ट्रैक्टर के माध्यम से जल प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया गया। ग्राम प्रधान और ग्रामीणों से संवाद कर स्थानीय समस्याओं और उनके सुझावों की जानकारी ली गई। संबंधित अधिकारियों को ग्रामीणों की समस्याओं के आवश्यक समाधान के निर्देश दिए गए।
गंगा माता मंदिर में की पूजा-अर्चना
निरीक्षण के बाद रामगंगा तट स्थित गंगा माता मंदिर में विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान जनपदवासियों की सुख-समृद्धि और क्षेत्र की सुरक्षा की कामना की गई।
प्रशासन का कहना है कि संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने और जन-धन की सुरक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। नदी के जलस्तर और कटान की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), उपजिलाधिकारी मीरगंज, बाढ़ खंड के अभियंता, ग्राम प्रधान, संबंधित अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे।











