बरेली। शहर में रविवार से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटों में बरेली में 381.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार हुई बारिश से शहर के पॉश इलाकों से लेकर निचले क्षेत्रों तक जलभराव की स्थिति बन गई। कई जगह घरों, मंदिरों और सड़कों में दो से तीन फुट तक पानी भर गया।
सोमवार तड़के जब लोगों की नींद खुली तो कई घरों के आसपास और अंदर तक पानी पहुंच चुका था। लोग दोपहर तक घरों से पानी निकालने में जुटे रहे। जलनिकासी की व्यवस्था प्रभावित होने से जगह-जगह नाले उफन गए और गंदा पानी सड़कों पर फैल गया।
रामगंगानगर में भी जलभराव, सड़क धंसी
बीडीए की रामगंगानगर कॉलोनी भी भारी जलभराव की चपेट में आ गई। सेक्टर-9 में सड़कें पानी में डूब गईं। वहीं सेक्टर-4 में सीवर लाइन और नाली की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क धंस गई। सीवर लाइन भी बैठ गई है, जिससे आसपास बने मकानों की सुरक्षा को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है।
सुभाषनगर में दो से तीन फुट पानी
सुभाषनगर में जलभराव के कारण हालात बिगड़ गए। सड़कों पर दो से तीन फुट तक पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ। कई वाहन पानी में बंद हो गए। लोगों को गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा।
शहर के अलखनाथ मंदिर में भी करीब दो फुट तक पानी भर गया। इसके अलावा रामपुर गार्डन, स्टेडियम रोड स्थित रेजीडेंसी गार्डेन कॉलोनी, कोहाड़ापीर के लल्ला मार्केट स्थित प्राचीन भैरो बाबा मंदिर और धर्मकांटा के पास भी जलभराव के कारण यातायात प्रभावित रहा।
रेजीडेंसी गार्डेन में चारों मोटर बंद
रेजीडेंसी गार्डेन कॉलोनी में नगर निगम की चार मोटरों में से कोई भी काम नहीं कर रही थी। स्थानीय लोगों ने ठेकेदार से शिकायत की, लेकिन तत्काल समाधान नहीं हुआ। जानकारी मिलने पर नगर आयुक्त ट्रैक्टर पर बैठकर मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों को अधिक क्षमता वाली मोटर लगाने के निर्देश दिए।
पांच करोड़ खर्च के बाद जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल
बारिश ने नगर निगम की नाला सफाई व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बारिश से पहले शहर के 213 नालों की सफाई के लिए करीब पांच करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। विभाग की ओर से सौ फीसदी नालों की सफाई का दावा किया गया था, लेकिन पहली ही बड़ी बारिश में शहर के कई हिस्सों में जलभराव ने इन दावों की पोल खोल दी।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भानु प्रकाश ने बताया कि जलभराव वाले स्थानों पर पानी की निकासी कराई जा रही है और कुछ समय में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि सुभाषनगर में नाले पर अतिक्रमण कुछ दिन पहले हटाकर सफाई कराई गई थी। क्षेत्र निचला होने के कारण आसपास के इलाकों का पानी यहां पहुंचता है।
बारिश में कब्रिस्तान की दीवार गिरी
तेज बारिश के कारण रविवार को पुराना शहर स्थित कांकर टोला में कब्रिस्तान की दीवार भी गिर गई। स्थानीय दुकानदार बाबर के मुताबिक हादसा दोपहर करीब दो बजे हुआ। इस दौरान वहां से गुजर रहा एक साइकिल सवार बाल-बाल बच गया। दीवार गिरने से मलबा सड़क पर फैल गया, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन बाधित रहा।
फिलहाल राहत के आसार नहीं
मौसम विशेषज्ञ अतुल कुमार सिंह के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में निम्न वायुदाब का क्षेत्र बनने से मौसम में अचानक बदलाव आया है। आने वाले दिनों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।
रविवार को बारिश के बीच जिले का अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।












