बरेली। बदलती जीवनशैली और खान-पान की आदतों के कारण डायबिटीज के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। डायबिटीज के कारण साइलेंट हार्ट अटैक के मामले भी बढ़ रहे हैं, इसलिए समय पर जांच और इलाज बेहद जरूरी है। यह जानकारी दिल्ली के मनीपाल अस्पताल के डायबिटीज विशेषज्ञ डॉ. मोहित सरन ने प्रेस वार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि अब बरेली के मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि उन्होंने शहर में भी अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं।
रविवार को स्टेडियम रोड स्थित केयर अस्पताल में एक स्वास्थ्य कैंप का आयोजन किया गया, जहां डायबिटीज मरीजों की ओपीडी की गई। डॉ. मोहित सरन ने बताया कि डायबिटीज का सबसे अधिक असर हृदय, गुर्दे, आंखों और तंत्रिका तंत्र पर पड़ता है। कई बार मरीजों को साइलेंट हार्ट अटैक भी हो जाता है, जिससे जान का खतरा बढ़ जाता है।
शराब से बढ़ सकता है खतरा
डॉ. मोहित सरन ने बताया कि डायबिटीज मरीजों के लिए शराब का सेवन सबसे बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की सलाह के बिना शराब का सेवन करने से शुगर लेवल अचानक बढ़ सकता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है। इसलिए मरीजों को शराब से दूरी बनाए रखनी चाहिए।
बिना डॉक्टर की सलाह दवा लेना खतरनाक
उन्होंने बताया कि कई लोग विज्ञापन या दूसरों की सलाह पर बिना डॉक्टर से परामर्श किए ही दवाइयां लेना शुरू कर देते हैं, जो खतरनाक हो सकता है। सही जांच और डॉक्टर की सलाह के बाद ही दवा का सेवन करना चाहिए।
खान-पान और लाइफस्टाइल पर दें ध्यान
डॉ. सरन ने कहा कि डायबिटीज मरीजों को आलू, चावल और मिठाइयों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। इसके बजाय अंकुरित दाल, चना, सेब, संतरा और पपीता जैसे खाद्य पदार्थ फायदेमंद होते हैं। साथ ही नियमित शारीरिक गतिविधि और संतुलित आहार जरूरी है।
नियमित जांच जरूरी
उन्होंने सलाह दी कि डायबिटीज मरीजों को हर 3 से 6 महीने में शुगर की जांच करानी चाहिए। खाली पेट और खाना खाने के दो घंटे बाद शुगर की जांच कराने से बीमारी को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
लक्षणों को नजरअंदाज न करें
डायबिटीज के सामान्य लक्षणों में ज्यादा प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, पैरों में सूजन, नसों में खिंचाव और कमजोरी शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
डॉ. मोहित सरन ने बताया कि अब वह महीने में एक बार बरेली के केयर अस्पताल में अपनी सेवाएं देंगे। इससे स्थानीय मरीजों को डायबिटीज के इलाज और परामर्श की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।












