बरेली। बरेली परिक्षेत्र में अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से सोमवार को पुलिस उपमहानिरीक्षक बरेली परिक्षेत्र अजय कुमार साहनी ने चारों जनपदों के पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए।
डीआईजी ने अपराध नियंत्रण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण, अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और कानून व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी के निर्देश दिए।
IGRS शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर
डीआईजी ने आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त जन शिकायतों की समीक्षा करते हुए लंबित शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ताओं को प्रभावी राहत दिलाने के साथ शिकायत निस्तारण की गुणवत्ता पर भी विशेष निगरानी रखी जाए।
सोशल मीडिया पर अफवाहों की निगरानी
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाली सूचनाओं और अफवाहों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए। डीआईजी ने कहा कि भ्रामक अथवा अफवाह फैलाने वाली सूचनाओं का तत्काल तथ्यात्मक खंडन किया जाए, ताकि कानून व्यवस्था पर किसी तरह का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। पुलिस और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
60 और 90 दिन से लंबित विवेचनाओं की समीक्षा
सीसीटीएनएस पर 60 एवं 90 दिनों से लंबित विवेचनाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए डीआईजी ने अधिकारियों को इन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विवेचना में गुणवत्ता बनाए रखने और साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
ई-साक्ष्य ऐप के इस्तेमाल के निर्देश
आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर देते हुए ई-साक्ष्य ऐप के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए गए। विवेचनाओं में एसआईडी क्रिएशन के माध्यम से वीडियोग्राफी बयान, फोटो, फॉरेन्सिक रिपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को डिजिटल रूप से सुरक्षित करने को कहा गया।
ई-समन और यक्ष ऐप पर भी फोकस
न्यायालयों से समन्वय स्थापित कर ई-समन जारी कराने और उनकी समयबद्ध तामीला सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं अपराधियों से संबंधित जानकारी की नियमित एवं शत-प्रतिशत डेटा फीडिंग यक्ष ऐप पर कराने पर भी जोर दिया गया।
मादक पदार्थ तस्करों पर कार्रवाई तेज करने के निर्देश
एनडीपीएस एक्ट की धारा 68ई और 68एफ, PIT NDPS Act तथा ऑपरेशन दहन के तहत हुई कार्रवाई की समीक्षा की गई। डीआईजी ने नशे के कारोबार से जुड़े अपराधियों और उनके नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई जारी रखने तथा नियमानुसार अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सड़क हादसों पर रोक के लिए सख्ती
Zero Fatality District अभियान के तहत सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने, जागरूकता अभियान चलाने और प्रवर्तन कार्रवाई बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
मिशन शक्ति और महिला सुरक्षा की समीक्षा
मिशन शक्ति फेज-5.0 के द्वितीय चरण के तहत चल रहे अभियानों की भी समीक्षा हुई। डीआईजी ने मिशन शक्ति केंद्रों के प्रभावी संचालन, महिला बीट प्रणाली को मजबूत करने और महिला अपराधों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
साइबर अपराधों पर विशेष निगरानी
साइबर हेल्प डेस्क के संचालन और साइबर अपराधों में की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की गई। साइबर अपराध से संबंधित लीन अमाउंट की स्थिति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को पीड़ितों को जल्द राहत दिलाने और साइबर अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
गैंगस्टर एक्ट में संपत्ति जब्ती पर जोर
अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई करते हुए नियमानुसार संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई करने को कहा गया। गुंडा अधिनियम, गौवध निवारण अधिनियम, सशस्त्र अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत हुई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।
गोकशी और गौ तस्करी पर सख्ती
डीआईजी ने गोकशी और गौ तस्करी में शामिल अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने तथा ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत लंबित मामलों में भी शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
गंभीर अपराधों की भी हुई समीक्षा
बैठक में हत्या, लूट, स्नेचिंग, नकबजनी, वाहन चोरी, फिरौती, डकैती, बलात्कार, दहेज हत्या, पॉक्सो एक्ट, अपहरण, धर्मांतरण और साम्प्रदायिक संघर्ष जैसे गंभीर अपराधों में पुलिस कार्रवाई की स्थिति की समीक्षा की गई।
इसके अलावा साइबर थानों एवं अन्य थानों पर साइबर अपराधों से संबंधित कार्रवाई, पंजीकृत अभियोगों की प्रगति, माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई, निरोधात्मक कार्रवाई, एसआर केस, लंबित विवेचनाओं तथा पुरस्कार घोषित और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
डीआईजी अजय कुमार साहनी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के साथ लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कराया जाए। उन्होंने अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी और प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।











