बरेली। संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) परिसर के बाहर गुरुवार को प्रशासन की सख्त कार्रवाई से हड़कंप मच गया। लंबे समय से दलालों के अड्डे बने अस्थायी खोमचों और बैठने के ठिकानों पर प्रशासन ने बुलडोजर चलवाकर उन्हें हटवा दिया। अचानक हुई कार्रवाई से आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कई लोग मौके से खिसक गए।
दरअसल, आरटीओ कार्यालय के बाहर काफी समय से दलालों के सक्रिय होने की शिकायतें मिल रही थीं। आरोप था कि ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और वाहनों की फिटनेस कराने के नाम पर लोगों से अतिरिक्त रकम वसूली जा रही थी। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने परिसर के आसपास बने अस्थायी ठिकानों को हटाने की कार्रवाई कराई। कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक टीम ने आरटीओ परिसर के बाहर लगे खोमचे, टेबल और दलालों के बैठने के स्थानों को बुलडोजर से हटवा दिया। मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न फैले। अधिकारियों का कहना है कि इन अवैध ठिकानों की वजह से आम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। सूत्रों के मुताबिक, कुछ दलाल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नाम पर लोगों से करीब 10 हजार रुपये तक वसूल रहे थे, जबकि इसकी सरकारी फीस करीब 1350 रुपये है। वहीं वाहनों की फिटनेस कराने के नाम पर भी अतिरिक्त रकम लेने की शिकायतें सामने आ रही थीं।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि आरटीओ परिसर और उसके आसपास दलालों के किसी भी ठिकाने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोगों से अपील की गई है कि वे अपने कार्य सीधे कार्यालय के माध्यम से कराएं और अवैध वसूली की शिकायत तुरंत प्रशासन को दें।
इस संबंध में एआरटीओ पीके सरोज ने बताया कि आरटीओ परिसर में दलालों की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। कार्रवाई के बाद अब परिसर और आसपास दलालों को किसी भी हाल में जगह नहीं दी जाएगी और आम लोगों के काम पारदर्शी तरीके से कराए जाएंगे।












