बरेली। सर्किट हाउस में आयोजित समन्वय बैठक इस बार बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर तीखे सवालों के बीच चर्चा में रही। बैठक में सांसद छत्रपाल गंगवार ने विभाग पर सख्त नाराजगी जताते हुए व्यवस्था में सुधार की चेतावनी दी।
सांसद ने कहा कि बिजली से जुड़ी समस्याएं और बढ़ती महंगाई अब जनता के सबसे बड़े मुद्दे बन चुके हैं। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो इसका असर आने वाले चुनावों पर भी पड़ सकता है।
बैठक के दौरान मीरगंज से जिला पंचायत सदस्य निरंजन पटेल ने ग्रामीण क्षेत्रों में एक ही घर में दो-दो बिजली कनेक्शन दिए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि इससे गरीब उपभोक्ताओं के बिल 9 हजार रुपये तक पहुंच रहे हैं। साथ ही उपकरण चोरी की घटनाओं पर भी चिंता जताई गई।
सांसद प्रतिनिधि नरेंद्र गंगवार ने भोजीपुरा के जेई पर प्रोटोकॉल तोड़ने और फोन न उठाने के आरोप लगाए। इस पर मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित जेई को तलब करने के निर्देश दिए।
सांसद गंगवार ने ‘विजिलेंस’ जांच के नाम पर कथित वसूली का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि बिना मीटर रीडिंग के बिल बनाए जा रहे हैं और बाद में संशोधन के नाम पर उपभोक्ताओं को परेशान किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि यह व्यवस्था बंद नहीं हुई तो जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं कुंवर महाराज सिंह ने स्मार्ट मीटर को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रीपेड सिस्टम आम लोगों के लिए परेशानी बन गया है, जहां बैलेंस खत्म होते ही तुरंत बिजली काट दी जाती है, जबकि पुराने मीटर में बकाया होने के बावजूद सप्लाई जारी रहती थी।
बैठक के अंत में अधिकारियों ने सुधार का भरोसा दिया, लेकिन जिस तरह से जनप्रतिनिधियों ने मुद्दे उठाए, उससे स्पष्ट है कि बिजली विभाग की कार्यप्रणाली अब गंभीर सवालों के घेरे में है।












