बरेली। Indian Railways की संवेदनशीलता और मेहमाननवाजी की एक सराहनीय मिसाल बरेली जंक्शन पर देखने को मिली, जहां भाषा की समस्या से जूझ रहे इजरायली पर्यटकों की रेलवे अधिकारियों ने तत्परता से मदद कर उन्हें राहत पहुंचाई।
इजरायल निवासी इंजीनियर लिओ और उनकी मित्र जोय पिछले चार महीनों से भारत भ्रमण पर हैं। उन्होंने Delhi से किराये पर बाइक लेकर Uttarakhand, Nepal और Uttar Pradesh के कई शहरों का दौरा किया। उन्होंने Varanasi को अपनी यात्रा का सबसे यादगार पड़ाव बताया।
भाषा बनी परेशानी
गुरुवार सुबह नेपाल से Pilibhit होते हुए दोनों Bareilly Junction पहुंचे। उन्हें Guwahati जाना था, लेकिन ट्रेन टिकट और बाइक पार्सल की प्रक्रिया भाषा की दिक्कत के कारण उनके लिए मुश्किल बन गई।
रेलवे अधिकारियों ने बढ़ाया मदद का हाथ
मामले की जानकारी मिलते ही स्टेशन के मुख्य वाणिज्य निरीक्षक Mohammad Imran Chishti तुरंत सक्रिय हुए। उन्होंने अपनी टीम के साथ पर्यटकों को कार्यालय में बैठाकर उनकी समस्या समझी और तुरंत समाधान कराया।
रेलवे टीम ने न सिर्फ Lohit Express में उनका टिकट कन्फर्म कराया, बल्कि उनकी बाइक को भी सुरक्षित तरीके से पार्सल के जरिए ट्रेन में लोड कराया।
पर्यटकों ने जताया आभार
मदद मिलने के बाद दोनों पर्यटकों ने रेलवे और बरेली स्टेशन प्रशासन का आभार जताया। जोय ने कहा कि “भारत में ‘अतिथि देवो भवः’ सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि यहां के लोगों के व्यवहार में भी दिखाई देता है।”
अधिकारियों ने दी प्रतिक्रिया
Vineet Srivastava (डीआरएम, मुरादाबाद मंडल) ने कहा कि रेलवे यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर है। वहीं Aditya Gupta ने बताया कि विदेशी पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
रेलवे के इस मानवीय प्रयास की स्थानीय स्तर पर भी सराहना हो रही है, जिससे यात्रियों के बीच रेलवे की सकारात्मक छवि और मजबूत हुई है।












