बरेली। भोजीपुरा थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर लोन की रकम हासिल करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 3.50 लाख रुपये नकद, 28 चेकबुक, सात बैंक पासबुक, 75 डेबिट कार्ड, आठ आधार कार्ड, दो पैन कार्ड और 12 मोबाइल फोन समेत बड़ी संख्या में दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
सोमवार को पुलिस अधीक्षक उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्र ने प्रेसवार्ता कर मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गिरोह के सदस्य लोगों से संपर्क कर उनके दस्तावेज हासिल करते थे। इसके बाद आधार कार्ड में पता बदलकर नए सिम कार्ड लिए जाते थे। फर्जी पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार कर अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाए जाते थे।
इन बैंक खातों का इस्तेमाल लोन की रकम हासिल करने के लिए किया जाता था। पुलिस को पूछताछ में गिरोह के काम करने के तरीके और उसके नेटवर्क से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।
3.50 लाख रुपये नकद समेत बड़ी बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 लाख 50 हजार रुपये नकद, 28 चेकबुक, सात बैंक पासबुक, 75 डेबिट कार्ड, आठ आधार कार्ड, फर्जी पहचान पत्र, दो पैन कार्ड और 12 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस बरामद दस्तावेजों और बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
चार आरोपी गिरफ्तार, एक की तलाश
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राम नयन गुप्ता उर्फ कृष्णा गुप्ता, राकेश गुप्ता, अनिल गुप्ता और ऋषभ कुमार सक्सेना के रूप में हुई है। पूछताछ में एक अन्य आरोपी आमिर खां उर्फ यामिर खां का नाम भी सामने आया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
बैंक एजेंटों की भूमिका की भी जांच
पुलिस अधीक्षक उत्तरी के मुताबिक मामले में कुछ बैंक एजेंटों की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस उनकी संलिप्तता की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों के दस्तावेजों का इस्तेमाल किया और कितनी रकम की धोखाधड़ी की गई।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और इसके नेटवर्क की भी जांच कर रही है।












