बरेली। हाफिजगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने पशु तस्करी के एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में दो हिस्ट्रीशीटर समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी मौके से फरार हो गया। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
ऐसे सामने आया मामला
थाना प्रभारी प्रवीन सोलंकी ने बताया कि 12 मार्च को गांव सावरखेड़ा के पास बहगुल नदी किनारे ग्रामीणों ने संरक्षित पशुओं के अवशेष पड़े होने की सूचना पुलिस को दी थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और करीब 40-45 बीघा क्षेत्र में फैली कंटीली झाड़ियों और पेड़ों के बीच सघन सर्च अभियान चलाया।
इस दौरान पुलिस को मौके से बड़ी मात्रा में संरक्षित पशुओं के अवशेष, हड्डियां और सड़ी-गली खाल बरामद हुईं। बरामदगी से साफ संकेत मिला कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध पशु कटान किया जा रहा था।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाफिजगंज थाने में उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर गिरोह की तलाश शुरू की और आरोपियों की पहचान की।
घेराबंदी कर की गई गिरफ्तारी
शनिवार को पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर घेराबंदी कर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में दो हिस्ट्रीशीटर भी शामिल हैं, जो पहले से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई:
फिदा हुसैन निवासी ऐमी गहलुईया, थाना जहानाबाद (पीलीभीत), हाल पता हरहरपुर मटकली हाफिजगंज
अशफाक निवासी हाफिजगंज
अजय सिंह निवासी भंडसर
नंद किशोर उर्फ छोटू निवासी भंडसर
सुरेंद्र और करन निवासी अलियापुर, थाना हाफिजगंज
वहीं, फईम निवासी धौराटांडा (थाना भोजीपुरा) पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया।
गिरोह का काम करने का तरीका
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और सुनियोजित तरीके से पशु तस्करी और अवैध कटान का काम करता था।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह के कुछ सदस्य क्षेत्र में घूम रहे छुट्टा पशुओं को पकड़ते थे। उन्हें तय स्थानों तक पहुंचाया जाता था। इसके बाद उनका अवैध कटान कर मांस को बाजार में बेचा जाता था।
पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क में अलग-अलग लोगों की अलग-अलग भूमिकाएं तय थीं, जिससे यह गिरोह लंबे समय तक सक्रिय रहा।
फरार आरोपी की तलाश जारी
थाना प्रभारी ने बताया कि फरार आरोपी फईम की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और पूरे नेटवर्क को खत्म करने में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।












