बरेली। बुधवार को गैस सिलेंडर बुकिंग को लेकर अफरा-तफरी का माहौल रहा। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड का ऑनलाइन पोर्टल अचानक बंद हो जाने से हजारों उपभोक्ता गैस बुकिंग नहीं कर सके और दिनभर एजेंसियों के चक्कर लगाते रहे। कई लोगों ने फोन और ऑनलाइन माध्यम से बुकिंग की कोशिश की, लेकिन देर रात तक पोर्टल नहीं खुलने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ती रही। मामले की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी अविनाश सिंह के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी ने जांच शुरू कर दी है।
प्रदेश में तेल-गैस की किल्लत की अफवाहों के बीच योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिला प्रशासन, पुलिस और आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीम ने कई गैस एजेंसियों के शोरूम और गोदामों पर छापेमारी कर स्टॉक और वितरण व्यवस्था की जांच की। अधिकारियों ने एजेंसी संचालकों को चेतावनी दी कि गैस की कालाबाजारी या अवैध भंडारण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जांच के दौरान अधिकारियों को शिकायतें मिलीं कि कुछ स्थानों पर घरेलू गैस सिलेंडर ब्लैक मार्केट में 1600 रुपये तक बेचे जा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ गई और लोग एजेंसियों से लगातार बुकिंग की जानकारी लेते रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई एजेंसी या व्यक्ति ब्लैक मार्केटिंग में शामिल पाया गया तो उसके खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने उपभोक्ताओं की परेशानी को देखते हुए हेल्पलाइन जारी करने के निर्देश दिए हैं। उपभोक्ता गैस की कृत्रिम कमी, कालाबाजारी या बुकिंग से जुड़ी समस्या की शिकायत सीधे प्रशासन से कर सकते हैं। जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि जिले में गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और अफवाहों से बचने की जरूरत है। साथ ही गैस एजेंसियों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है।












