बरेली। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने वाली बैंक सखियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा। बैंक सखियों ने वर्तमान में मिल रहे ₹4 हजार मासिक मानदेय को बढ़ाकर ₹20 हजार प्रतिमाह किए जाने और उनकी सेवाओं को स्थायी एवं नियमित करने की मांग की।
बैंक सखियों ने बताया कि वे पिछले करीब पांच वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। उनका काम ग्रामीण नागरिकों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ना है। इसके तहत बैंक खाता खुलवाने, आधार ई-केवाईसी, धनराशि जमा-निकासी और वित्तीय साक्षरता सहित अन्य बैंकिंग कार्यों में लोगों की मदद की जाती है।
गांव-गांव पहुंचकर दे रहीं बैंकिंग सेवाएं
बैंक सखियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच आसान बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। बैंक शाखाओं तक पहुंचने में परेशानी वाले ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए उन्हें लगातार गांवों में भ्रमण करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि इस दौरान आने-जाने का खर्च, मोबाइल फोन, इंटरनेट और अन्य जरूरी खर्च भी उन्हें स्वयं उठाने पड़ते हैं। बढ़ती महंगाई और काम की जिम्मेदारियों के बावजूद उन्हें वर्तमान में केवल ₹4 हजार मासिक मानदेय मिल रहा है, जो उनकी मेहनत और जिम्मेदारियों के लिहाज से काफी कम है।
₹20 हजार मासिक मानदेय की मांग
बैंक सखियों ने सरकार से उनका मासिक मानदेय बढ़ाकर ₹20 हजार किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि पिछले कई वर्षों से सेवाएं देने के बावजूद मानदेय में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है। मानदेय बढ़ने से उन्हें आर्थिक मजबूती मिलेगी और वे ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं को और बेहतर तरीके से उपलब्ध करा सकेंगी।
सेवाओं को स्थायी एवं नियमित करने की मांग
ज्ञापन में बैंक सखियों ने अपनी सेवाओं को स्थायी एवं नियमित किए जाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई। उनका कहना है कि करीब पांच वर्षों तक काम करने के बाद भी उन्हें सेवा सुरक्षा और भविष्य की स्थिरता नहीं मिल पाई है। उन्होंने शासन स्तर पर आवश्यक कार्रवाई कर बैंक सखियों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की।
बैंक सखियों की तीन प्रमुख मांगें
बैंक सखियों ने ज्ञापन में मुख्य रूप से तीन मांगें रखीं—
मासिक मानदेय बढ़ाकर ₹20 हजार किया जाए।
बैंक सखियों की सेवाओं को स्थायी एवं नियमित किया जाए।
कार्य और जिम्मेदारियों के अनुरूप भविष्य में मानदेय में समय-समय पर उचित वृद्धि सुनिश्चित की जाए।
बैंक सखियों ने जिलाधिकारी से उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए ज्ञापन को संबंधित अधिकारियों और शासन स्तर तक भेजने का अनुरोध किया है।
ज्ञापन में शामिल बैंक सखियों के नाम
ज्ञापन में रेखा रानी, विदुषी यादव, गायत्री देवी, कोमल, प्रियंका, सीमा, ममता, प्रियंका कुमारी, सुमित्रा, सुमन गंगवार, बबली, अंजू कुमारी, राधा देवी, आशा रानी, संगम, अंजू सिंह, पूजा, भारती देवी, किरन देवी, आरती सिंह और मेधा समेत अन्य बैंक सखियों के नाम एवं हस्ताक्षर दर्ज हैं।
बैंक सखियों ने उम्मीद जताई कि जिलाधिकारी उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए शासन तक पहुंचाएंगे और मानदेय बढ़ाने तथा सेवाओं को नियमित करने की दिशा में सकारात्मक पहल होगी।
संवाददाता रोहिदास कुमार











