बरेली। इज्जतनगर थाना पुलिस ने राजीव एन्क्लेव कॉलोनी में कॉल सेंटर की आड़ में कथित तौर पर फर्जी दवाओं का कारोबार करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी सोशल मीडिया पर भ्रामक विज्ञापन प्रसारित कर खुद को डॉक्टर बताते थे और फोन के जरिए लोगों को दवाएं बेचते थे। मकान के अंदर खाली कैप्सूल में सामग्री भरकर उन पर रैपर लगाए जाते थे और पैक तैयार कर ग्राहकों को भेजे जाते थे।
पुलिस ने मौके से दो आरोपियों समीरउद्दीन और यूसुफ को गिरफ्तार किया है, जबकि उनका साथी इलियास खान फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है।
इंस्टाग्राम पर करते थे प्रचार
पुलिस के मुताबिक आरोपी इंस्टाग्राम पर ‘हर्बल हैंड जड़ी-बूटी’ नाम से आईडी चलाते थे। इसके जरिए भ्रामक विज्ञापन देकर लोगों को संपर्क में लाया जाता था। इसके बाद फोन पर खुद को डॉक्टर बताकर ग्राहकों से बातचीत की जाती और दवाएं बेचने का काम किया जाता था।
आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि बाजार से सामग्री खरीदकर उसे खाली कैप्सूल में भरा जाता था। इसके बाद कैप्सूल पर रैपर लगाकर अलग-अलग नामों से पैकेज तैयार किए जाते थे।
हालांकि पुलिस के प्रेस नोट में कैप्सूल के अंदर भरी सामग्री की वास्तविक प्रकृति अथवा उसकी चिकित्सीय जांच रिपोर्ट का उल्लेख नहीं किया गया है।
छापेमारी में मिला कंप्यूटर और पैकिंग का सामान
छह अक्टूबर को मुखबिर की सूचना पर इज्जतनगर पुलिस ने राजीव एन्क्लेव स्थित मकान में छापा मारा। पुलिस के अनुसार एक युवक कंप्यूटर और मोबाइल फोन के साथ मिला, जबकि दूसरे कमरे में एक युवक खाली कैप्सूल में सामग्री भरकर पैकिंग कर रहा था। इसी दौरान एक आरोपी पीछे के रास्ते से फरार हो गया।
पुलिस ने मौके से छह कंप्यूटर, एक लैपटॉप, आठ मॉनिटर, छह की-बोर्ड, तीन प्रिंटर, एक स्कैनर, दो बिल प्रिंटर और 12 मोबाइल फोन बरामद किए।
इसके अलावा अलग-अलग नामों से दवाओं के 85 पैकेज, पैकिंग सामग्री, दस्तावेज, छह बैंकों की चेकबुक, 14 एटीएम कार्ड, आधार-पैन कार्ड समेत अन्य कागजात और 1 लाख 99 हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं।
सहारनपुर और मुरादाबाद से लाते थे सामग्री
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दवाएं तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री सहारनपुर और मुरादाबाद से लाई जाती थी। आरोपियों ने देवरनियां कस्बे में भी दुकान होने और वहां सामान रखे होने की जानकारी दी है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी करीब एक साल से इस गतिविधि में शामिल थे और इससे होने वाला मुनाफा तीनों आपस में बराबर बांटते थे।
कूटरचित लाइसेंस भी बरामद
पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास दवाओं की बिक्री का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। जांच के दौरान कारोबार को वैध दिखाने के लिए तैयार की गई कूटरचित लाइसेंस की कॉपी भी बरामद होने का दावा किया गया है।
इज्जतनगर पुलिस ने मामले में मुकदमा अपराध संख्या 0952/2026 दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 336(3), 338 और 340(2) के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
पुलिस अब फरार आरोपी इलियास खान की गिरफ्तारी के साथ ही नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और कथित कारोबार के वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है।











