बरेली। गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान में बरेली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सितंबर 2026 में पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों, साइबर टीम और जनपदीय सर्विलांस सेल की संयुक्त कार्रवाई में 411 गुम एवं चोरीशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल की अनुमानित कीमत करीब 82 लाख रुपये बताई गई है। मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे जा रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हर माह गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में भारत सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल और आधुनिक तकनीकी सर्विलांस की मदद से अलग-अलग क्षेत्रों में मोबाइल फोन को ट्रेस किया गया।
जनवरी से सितंबर तक 3506 मोबाइल बरामद
बरेली पुलिस की कार्रवाई का असर जनवरी से सितंबर 2026 तक लगातार देखने को मिला। पुलिस के अनुसार इस अवधि में कुल 3506 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। इन मोबाइल फोन की अनुमानित कुल कीमत करीब 7 करोड़ 1 लाख 20 हजार रुपये बताई गई है।
सुभाषनगर पुलिस ने सबसे अधिक 42 मोबाइल बरामद किए
सितंबर में थाना स्तर पर हुई बरामदगी में सुभाषनगर पुलिस ने सबसे अधिक 42 मोबाइल फोन बरामद किए। इसके बाद बहेड़ी से 29, इज्जतनगर से 28, आंवला से 27, बारादरी से 23 और कोतवाली से 20 मोबाइल बरामद किए गए।
फरीदपुर और मीरगंज से 19-19, भमोरा और हाफिजगंज से 18-18, कैंट से 17, प्रेमनगर और भुता से 15-15, फतेहगंज पश्चिमी और नवाबगंज से 12-12 मोबाइल बरामद हुए।
शीशगढ़ और शेरगढ़ से 10-10, बिथरी चैनपुर से 9, सीबीगंज, सिरौली, देवरनियां और क्योलड़िया से 8-8, भोजीपुरा से 7, शाही और जनपदीय सर्विलांस सेल से 6-6, फतेहगंज पूर्वी से 5, अलीगंज से 3 और विशारतगंज से 2 मोबाइल बरामद किए गए।
बेहतर कार्य करने वाली पुलिस टीमों को पुरस्कार
मोबाइल बरामदगी अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पुलिस टीमों को सम्मानित भी किया गया। प्रेमनगर, कैंट, सुभाषनगर, सीबीगंज, सिरौली, शाही, आंवला, विशारतगंज, भमोरा, फरीदपुर, फतेहगंज पूर्वी, बिथरी चैनपुर, फतेहगंज पश्चिमी, भोजीपुरा, बहेड़ी, शीशगढ़, शेरगढ़, हाफिजगंज और क्योलड़िया की साइबर टीमों को 1500-1500 रुपये नकद पुरस्कार और प्रशस्ति देकर सम्मानित किया गया।
पुलिस की इस कार्रवाई से लंबे समय से मोबाइल फोन खोने या चोरी होने से परेशान लोगों को राहत मिली है। तकनीकी माध्यमों से मोबाइल ट्रेस कर बरामद किए जा रहे हैं और उन्हें उनके वास्तविक स्वामियों तक पहुंचाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मोबाइल बरामदगी का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।











