बरेली। फेसबुक पर ‘टाटा बाय-बाय’ लिखकर सियासी हलचल बढ़ाने वाले आंवला के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने अब भारतीय जनता पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। मीडिया के सामने उन्होंने पार्टी छोड़ने की बात कही। उन्होंने बताया कि अब समर्थकों के साथ बड़ी बैठक करेंगे और उनकी राय के आधार पर आगे की राजनीतिक रणनीति तय करेंगे।
धर्मेंद्र कश्यप ने अपनी नाराजगी की वजह वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव से जुड़ी बताई। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान जिन लोगों ने उनकी खुलकर खिलाफत की, अगर वही लोग बाद में पार्टी में बड़े पदों पर बैठेंगे तो उन्हें कष्ट होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ पार्टी की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जाती है तो उनके जैसे लोगों का ‘टाटा बाय-बाय’ कहना स्वाभाविक है। हालांकि, उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं लिया।
समर्थकों की राय से तय होगी आगे की राह
भाजपा छोड़ने की घोषणा के साथ ही धर्मेंद्र कश्यप ने अपने अगले राजनीतिक कदम को लेकर भी संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही समर्थकों के साथ बड़ी बैठक की जाएगी। इसमें सभी की राय सुनी जाएगी और इसके बाद आगे की राह तय होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि समर्थक जैसा निर्णय लेंगे, वह उसी के अनुसार आगे बढ़ेंगे। फिलहाल उन्होंने किसी दूसरे राजनीतिक दल में शामिल होने की घोषणा नहीं की है।
फेसबुक पोस्ट के बाद बढ़ी थीं अटकलें
राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशियों की सूची जारी होने के बाद धर्मेंद्र कश्यप ने फेसबुक पर ‘टाटा बाय-बाय’ लिखा था। पोस्ट में किसी पार्टी या नेता का नाम नहीं होने के कारण उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। इसे राज्यसभा की दावेदारी से जोड़कर भी देखा जा रहा था। हालांकि, अब पार्टी छोड़ने की घोषणा के बाद उन्होंने अपने राजनीतिक रुख को स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने अपने बयान में राज्यसभा टिकट नहीं मिलने को पार्टी छोड़ने की वजह नहीं बताया।
2014 और 2019 में बने थे सांसद
धर्मेंद्र कश्यप वर्ष 2014 में सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। इसके बाद भाजपा के टिकट पर उन्होंने आंवला लोकसभा सीट से 2014 और 2019 में जीत दर्ज की। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। अब भाजपा छोड़ने के ऐलान के बाद उनके राजनीतिक सफर की अगली दिशा पर सभी की निगाहें टिक गई हैं।











