बरेली। लगातार हो रही बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्मार्ट सिटी के दावों के बीच वार्ड 64 के सिक्लापुर (फर्नीचर मंडी) की कई गलियां जलमग्न हो गईं। हालात इस कदर बिगड़ गए कि लोगों की मदद के लिए वार्ड पार्षद जयप्रकाश राजपूत को नाव का सहारा लेना पड़ा। पार्षद नाव के जरिए जलभराव वाले इलाकों में पहुंचे और लोगों की मदद की।
बारिश के बाद सिक्लापुर की गलियों में सड़क और नाली का अंतर तक दिखाई नहीं दिया। घरों और दुकानों के आसपास पानी जमा होने से लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज बारिश होते ही क्षेत्र में जलभराव की समस्या खड़ी हो जाती है और कई घंटे तक लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
थर्माकोल की नाव बनाकर लोगों ने जताया विरोध
जलभराव से परेशान स्थानीय लोगों ने थर्माकोल की नाव बनाकर विरोध जताया। इसके बाद पार्षद जयप्रकाश राजपूत भी नाव लेकर जलभराव वाले इलाके में पहुंचे। उनका कहना था कि सामान्य रास्ते से लोगों तक पहुंचना मुश्किल हो गया था, इसलिए नाव का सहारा लेना पड़ा।
स्मार्ट सिटी के दावों पर उठे सवाल
बरेली में स्मार्ट सिटी के तहत करोड़ों रुपये की परियोजनाओं पर काम हुआ है। इसके बावजूद बारिश के दौरान शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आती रही है। सिक्लापुर में नाव चलने की तस्वीरों और वीडियो ने नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्षेत्रवासियों का सवाल है कि यदि जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त है तो हर तेज बारिश के बाद सड़कें और गलियां तालाब में क्यों तब्दील हो जाती हैं?
पार्षद ने स्थायी समाधान की मांग उठाई
वार्ड पार्षद जयप्रकाश राजपूत ने जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की जरूरत बताई। उनका कहना है कि केवल बारिश के दौरान पानी निकालने से समस्या का समाधान नहीं होगा। इसके लिए नालों की नियमित सफाई, जलनिकासी की क्षमता बढ़ाने और स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था पर काम करना जरूरी है।
मेयर और नगर निगम से स्थायी समाधान की मांग
जलभराव के बाद क्षेत्र के लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बार बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। लोगों ने नगर निगम और मेयर डॉ. उमेश गौतम से क्षेत्र की जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के साथ-साथ जलनिकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं पर भी गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।
संवाददाता रोहिताश कुमार











