बरेली। व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की कमी ने बेकरी उद्योग, रेस्टोरेंट, मैरिज लॉन और ढाबा संचालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मंगलवार को शहर में व्यावसायिक सिलेंडर ब्लैक में 2500 रुपये तक में बिकते नजर आए, जबकि इसकी वास्तविक कीमत करीब 1980 रुपये बताई जा रही है।
रेस्टोरेंट और मैरिज लॉन संचालकों का कहना है कि उन्होंने कई महीनों पहले से कार्यक्रमों की बुकिंग ले रखी है, लेकिन अब व्यावसायिक सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। ऐसे में तय कार्यक्रमों में भोजन की व्यवस्था करना चुनौती बनता जा रहा है।
ढाबा संचालकों के अनुसार गैस की कमी के बीच कोयले की कीमत भी लगभग 3000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है। इससे वैकल्पिक व्यवस्था भी महंगी पड़ रही है। कारोबारियों का कहना है कि यदि जल्द स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो उन्हें अपना कारोबार बंद करने तक की नौबत आ सकती है।
आईआईए बरेली चैप्टर के चेयरमैन मयूर धीरवानी के मुताबिक शहर की कई खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों में एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। कुछ इकाइयां फिलहाल पीएनजी का इस्तेमाल कर रही हैं, लेकिन इसमें भी दरें बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
बरेली होटलियर वेलफेयर एसोसिएशन के डॉ. अनुराग सक्सेना ने बताया कि बड़े होटलों के पास फिलहाल पुराना स्टॉक है, लेकिन छोटे होटल और ढाबे गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। यदि आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ सकती हैं।
रेस्टोरेंट संचालक गौरांग खन्ना का कहना है कि कुछ डिलीवरी कर्मी व्यावसायिक सिलेंडर ब्लैक में 2500 रुपये तक में उपलब्ध करा रहे हैं। वहीं ढाबा संचालक विजय कुमार तलवानी के अनुसार उनके ढाबे में रोज एक व्यावसायिक सिलेंडर की जरूरत पड़ती है। फिलहाल ब्लैक में सिलेंडर मिल जा रहा है, लेकिन स्टॉक खत्म होने के बाद स्थिति और गंभीर हो सकती है।
बैंक्वेट हॉल संचालकों का कहना है कि उनके पास एलपीजी का कोई विकल्प नहीं है। जिन कार्यक्रमों की बुकिंग पहले से ली गई है, उनमें भोजन उपलब्ध कराना उनकी जिम्मेदारी है। कारोबारियों के अनुसार पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण भी गैस आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
व्यापारियों का कहना है कि यदि जल्द आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो शहर में होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों का संचालन प्रभावित हो सकता है और इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।












