बरेली। थाना सीबीगंज क्षेत्र के ग्राम ऐना, रूपपुर और माधौपुर खालसा के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती प्रार्थनापत्र देकर रामगंगा नदी किनारे हो रहे कथित अवैध खनन को तुरंत रुकवाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव पहले भी बाढ़ और कटान से कई बार प्रभावित हो चुके हैं और अब दोबारा ऐसी स्थिति बनने का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों के मुताबिक कुछ खनन कारोबारी नदी किनारे परमिशन की आड़ में अवैध तरीके से खनन कर रहे हैं। आरोप है कि खनन के कारण रामगंगा किनारे कई जगह सात से आठ फीट गहरे और कई बीघा क्षेत्र में बड़े-बड़े गड्ढे बना दिए गए हैं, जिससे नदी के बहाव की दिशा बदलने और गांवों की ओर पानी बढ़ने की आशंका है।
ग्रामीणों ने बताया कि अगर नदी में दोबारा कटान हुआ तो उनके पास रहने के लिए जमीन भी नहीं बचेगी, क्योंकि पहले ही कई बार बाढ़ से उनकी जमीन और मकान प्रभावित हो चुके हैं।
ग्रामीणों के अनुसार 23 फरवरी 2026 को गांव के लोगों ने एकजुट होकर क्षेत्रीय लेखपाल के सहयोग से खनन कार्य रुकवा दिया था, जिसके बाद कुछ समय तक काम बंद रहा। हालांकि अब फिर से खनन शुरू करने की कोशिश की जा रही है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि रामगंगा किनारे जाने के लिए कोई सरकारी रास्ता नहीं है। किसान अपने खेतों के बीच से निजी रास्ते बनाकर खेती-बाड़ी के लिए इस्तेमाल करते हैं, लेकिन खनन से जुड़े लोग इन निजी रास्तों का जबरन इस्तेमाल कर मिट्टी निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
ग्राम ऐना निवासी खूबकरन ने बताया कि गंगा के खादर क्षेत्र में तेजी से कटान हो रहा है और खनन इसी तरह चलता रहा तो ग्रामीणों की जमीन और संपत्ति खतरे में पड़ सकती है। उनका कहना है कि खनन करने वाले लोग करीब दस फीट गहराई तक मिट्टी निकाल रहे हैं, जहां पानी भी दिखाई देने लगा है, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल है।
ग्रामीणों के मुताबिक खनन के लिए जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है और मिट्टी को ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपरों के जरिए ले जाया जा रहा है। कुछ दिन पहले ग्रामीणों ने सड़क पर पहुंचकर ट्रैक्टर और डंपरों को रोक भी दिया था, लेकिन अब फिर से खनन की कोशिश की जा रही है।
तीनों गांवों के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि यदि किसी घाट या क्षेत्र में खनन की अनुमति दी गई है तो उसे तत्काल निरस्त किया जाए और ग्राम ऐना, रूपपुर व माधौपुर खालसा की आराजी में किसी भी प्रकार का खनन न होने दिया जाए। साथ ही निजी खेतों के रास्तों से खनन करने वालों को रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए जाएं।












