बरेली। रविवार को Bareilly में अचानक बदले मौसम ने लोगों को गर्मी से राहत दी, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ा दी। तेज हवा और बारिश के कारण कई इलाकों में खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई, जिससे भारी आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई थी, लेकिन दोपहर तक मौसम का रुख पूरी तरह बदल गया। करीब एक बजे आसमान में काले बादल छा गए और गरज-चमक के साथ तेज बारिश और धूलभरी हवा शुरू हो गई। अचानक आए तूफान और बारिश से लोगों को भीगने के साथ कई जगह बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई।
बिजली आपूर्ति प्रभावित
तेज आंधी के कारण कई ट्रांसफार्मर फुंकने और बिजली लाइनों में फॉल्ट की घटनाएं सामने आईं। कई क्षेत्रों में ट्रिपिंग की समस्या भी देखी गई। खराब मौसम से लोग सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए ताकि संभावित हादसे से बचा जा सके।
पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम
मौसम विभाग के अनुसार यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण हुआ है। India Meteorological Department के आंचलिक केंद्र के मुताबिक अगले 24 से 48 घंटों तक बादलों की आवाजाही और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी और मौसम कुछ दिनों तक सुहावना रह सकता है।
Meerganj में गेहूं की फसल को भारी नुकसान
Meerganj तहसील में तेज हवा और बारिश का सबसे अधिक असर गेहूं की फसल पर पड़ा। कई गांवों में फसल खेतों में गिर गई। किसान फहीम अंसारी ने बताया कि फसल कटाई के लिए लगभग तैयार थी, लेकिन अचानक आई तेज हवा और बारिश से काफी फसल जमीन पर गिर गई। किसान रामेंद्र चौहान ने कहा कि अगर आने वाले दिनों में भी मौसम ऐसा ही बना रहा, तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।
अन्य फसलों पर भी खतरा
Dunka क्षेत्र के किसानों ने भी बताया कि तेज हवा के कारण गेहूं की फसल गिर गई है। किसान सतीश चंद्र गंगवार, शिशुपाल सिंह, मोहन चंद, राजेश, मुकेश, दुर्जन लाल, मुनीपाल, रामस्वरूप और इकबाल बहादुर लोधी सहित कई किसानों ने कहा कि गिरने से गेहूं का दाना ठीक से विकसित नहीं हो पाएगा। पैदावार में 30 से 40 प्रतिशत तक कमी की आशंका जताई गई।
इसके अलावा मसूर, लाही, लहटा और मटर जैसी अन्य फसलें भी लगभग तैयार हैं और उन पर भी खराब मौसम का असर पड़ सकता है। किसानों ने प्रशासन से तुरंत राहत और बचाव के उपायों की मांग की है।












