बरेली। शहर में करीब 11.18 करोड़ रुपये की लागत से बना स्काई वॉक आज भी आम जनता के लिए बंद पड़ा है। निर्माण पूरा हुए लगभग तीन साल बीत चुके हैं, लेकिन यह महत्वाकांक्षी परियोजना अब तक शुरू नहीं हो सकी है। हालात ऐसे हैं कि Bareilly का यह स्काई वॉक धीरे-धीरे जंग खाकर खराब होता जा रहा है।
नगर निगम की टेंडर प्रक्रिया बार-बार अटकने के कारण यह प्रोजेक्ट फिलहाल सिर्फ दिखावे की चीज बनकर रह गया है, जिससे शहरवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
नगर निगम का दावा—जल्द होगा शुरू
नगर आयुक्त Sanjeev Maurya के अनुसार, Patel Chowk स्थित स्काई वॉक को शुरू करने के लिए कई बार टेंडर निकाले गए। एक कंपनी ने प्रस्ताव भी दिया था, लेकिन उसमें दुकानों के संचालन का स्पष्ट प्लान नहीं होने के कारण उसे खारिज कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि अब दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी और विशेषज्ञों से चर्चा के बाद जल्द ही इस प्रोजेक्ट को चालू करने का प्रयास किया जाएगा।
विपक्ष का आरोप—बिना प्लानिंग के बनी परियोजना
इस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने नगर निगम और सरकार को घेरा है। समाजवादी पार्टी के नेता Mayank Monty Shukla ने आरोप लगाया कि स्काई वॉक परियोजना बिना ठोस योजना के शुरू की गई थी।
उनका कहना है कि—
स्थानीय लोगों और व्यापारियों से राय नहीं ली गई
कई कंपनियां आईं, लेकिन किसी ने संचालन में रुचि नहीं दिखाई
अब संरचना पर जंग लगने लगी है
जनता को नहीं मिला कोई फायदा
सियासी मंच के प्रमुख Waseem Miyan ने कहा कि निर्माण के दौरान शहरवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन आज तक इसका कोई लाभ नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि 3–4 साल बीतने के बाद भी संचालन शुरू न होना यह दिखाता है कि परियोजना में योजना की कमी थी और यह जनता के पैसे की बर्बादी बन गई है।
अन्य परियोजनाओं की भी यही स्थिति
नगर आयुक्त ने यह भी बताया कि संजय कम्युनिटी सेंटर के पास बना अमृत सरोवर तैयार होने के बावजूद उसका संचालन भी टेंडर प्रक्रिया में अटका हुआ है।
इसके अलावा शहर में लगाए गए कई कचरा कंटेनरों की हालत भी खराब है, जिन्हें सुधारने का कार्य जारी है।
स्काई वॉक जैसी महत्वपूर्ण परियोजना के लंबित रहने से शहर में विकास कार्यों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।












