बरेली। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले सोमवार को बरेली में किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने मंडलायुक्त भूपेंद्र एस चौधरी को 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए जल्द समाधान की मांग की।
जिला अध्यक्ष चौधरी सोमवीर सिंह के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने कृषि भूमि के अधिग्रहण, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), अवैध कॉलोनियों, गन्ना भुगतान और सरकारी योजनाओं में आ रही समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
किसानों ने आरोप लगाया कि बरेली विकास प्राधिकरण द्वारा बड़े पैमाने पर कृषि भूमि का अधिग्रहण कर रामगंगा नगर सहित कई आवासीय योजनाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे खेती योग्य जमीन लगातार कम हो रही है। उनका कहना है कि बहुमंजिला परियोजनाओं के जरिए भूमि का बेहतर उपयोग किया जा सकता था।
प्रदर्शन के दौरान अवैध कॉलोनियों का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया गया। किसानों ने कहा कि गांवों में बिना नक्शा पास कराए प्लॉटिंग कर जमीन बेची जा रही है, जिससे अवैध निर्माण बढ़ रहा है। उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जागरूकता अभियान चलाने की मांग की।
किसानों ने आम का समर्थन मूल्य 60 रुपये प्रति किलो घोषित करने के साथ ही उसकी सरकारी खरीद सुनिश्चित करने की मांग की। इसके अलावा आलू, सरसों, बाजरा, ज्वार और मक्का के लिए भी लाभकारी मूल्य तय करने की बात कही।
गेहूं खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाने की मांग करते हुए किसानों ने कहा कि सरकारी और बाजार भाव में भारी अंतर के कारण बिचौलियों का दबदबा बढ़ गया है। उन्होंने प्रत्येक तहसील में कम से कम 60 खरीद केंद्र खोलने और उनकी दूरी गांव से पांच किलोमीटर के भीतर रखने की मांग की।
आवारा पशुओं से फसलों को हो रहे नुकसान पर चिंता जताते हुए उन्हें गौशालाओं में भेजने की मांग भी उठाई गई। वहीं, बहेड़ी और नवाबगंज चीनी मिलों द्वारा गन्ना भुगतान में देरी पर नाराजगी जताते हुए जल्द भुगतान की मांग की गई।
इसके अलावा राशन कार्ड, किसान सम्मान निधि योजना और राजस्व से जुड़े मामलों में हो रही देरी को लेकर भी किसानों ने नाराजगी जताई।
किसान यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।












