बरेली। चर्चित मिठाई कारोबार से जुड़ी कंपनी Ajanta Sweets पर अधोमानक खोया बेचने के मामले में अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। दोष सिद्ध होने पर अदालत ने मेसर्स इंड्स अजंता प्राइवेट लिमिटेड पर चार लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। साथ ही निर्देश दिया गया है कि यह राशि 30 दिन के भीतर जमा की जाए, अन्यथा इसकी वसूली भू-राजस्व की तरह की जाएगी।
निरीक्षण में मिला 90 किलोग्राम खोया
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल प्रताप सिंह की रिपोर्ट के अनुसार 1 मई 2025 को दोपहर करीब 3 बजकर 45 मिनट पर डोहरा रोड स्थित मेफेयर लॉन परिसर में निरीक्षण किया गया। उस समय परिसर में मौजूद महाप्रबंधक हरप्रीत सिंह से पूछताछ की गई।
जांच के दौरान परिसर में बिक्री के लिए रखा लगभग 90 किलोग्राम खोया पाया गया।
जांच के लिए लिया गया नमूना
खोया की गुणवत्ता पर संदेह होने पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने नियमानुसार एक किलोग्राम खोया का नमूना 300 रुपये देकर खरीदा। इसके बाद नमूने को विधिवत सील कर खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला, झांसी भेज दिया गया।
जांच रिपोर्ट में सामने आई सच्चाई
15 मई 2025 को प्राप्त जांच रिपोर्ट में खोया का नमूना अधोमानक पाया गया। जांच में यह सामने आया कि नमूने में दूध वसा की मात्रा निर्धारित न्यूनतम 30 प्रतिशत से कम थी। इससे स्पष्ट हुआ कि उत्पाद खाद्य गुणवत्ता के तय मानकों पर खरा नहीं उतरा।
कंपनी की ओर से नहीं दिया गया जवाब
मामले में अदालत की ओर से कंपनी को सूचना भेजी गई, लेकिन कंपनी की ओर से न तो कोई आपत्ति प्रस्तुत की गई और न ही कोई साक्ष्य दिया गया। इसके बाद अदालत ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी की रिपोर्ट और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर फैसला सुनाया।
कानून के तहत हुई कार्रवाई
अपर जिलाधिकारी (नगर) एवं न्याय निर्णायक अधिकारी Saurabh Dubey ने बताया कि यह मामला Food Safety and Standards Act 2006 की धारा 26(2)(ii) का उल्लंघन है। यह अपराध धारा 51 के अंतर्गत दंडनीय है। इसी प्रावधान के तहत कंपनी पर चार लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।












