बरेली। घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति में संकट के बीच कालाबाजारी के मामले सामने आने लगे हैं। मीरगंज तहसील क्षेत्र के गांव नौसना में एक दुकान पर अवैध रूप से घरेलू गैस सिलिंडरों की बिक्री किए जाने का मामला पकड़ा गया है। उपजिलाधिकारी के निर्देश पर आपूर्ति विभाग की टीम ने पुलिस के साथ मंगलवार को छापा मारकर 15 घरेलू गैस सिलिंडर बरामद किए हैं।
जानकारी के अनुसार मुखबिर की सूचना पर आपूर्ति निरीक्षक की टीम आपूर्ति लिपिक और मीरगंज थाना पुलिस के साथ गांव नौसना में नाजिर की दुकान पर पहुंची। छापे के दौरान वहां 15 गैस सिलिंडर मिले, जिनमें 14 भरे हुए और एक खाली था। जांच के दौरान आरोपी दुकानदार के पास सिलिंडरों से संबंधित कोई वैध अभिलेख नहीं मिला। इस पर टीम ने सभी सिलिंडर जब्त कर जय माता दी गैस एजेंसी मीरगंज के सुपुर्द कर दिए। आपूर्ति निरीक्षक ने आरोपी नाजिर के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है।
उधर गैस संकट को देखते हुए पेट्रोलियम कंपनियों ने सभी गैस एजेंसियों और जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश जारी कर होटल और भोजनालयों को व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति फिलहाल रोक दी है। विशेष परिस्थितियों में एजेंसी की ओर से मांग भेजे जाने पर ही व्यावसायिक सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। हालांकि पुलिस, सेना, अस्पताल और रेलवे जैसी आवश्यक सेवाओं को गैस आपूर्ति जारी रहेगी।
बताया गया है कि पेट्रोलियम कंपनियों ने सात मार्च को घरेलू गैस सिलिंडर की कीमत में 60 रुपये और व्यावसायिक सिलिंडर की कीमत में 115 रुपये की बढ़ोतरी की थी। साथ ही गैस बुकिंग में 25 दिन का नियम लागू कर दिया गया है। इसके तहत अब एक बार घरेलू गैस सिलिंडर की बुकिंग के बाद दूसरी रसोई गैस की बुकिंग 25 दिन बाद ही की जा सकेगी। उत्तर प्रदेश गैस वितरक संघ के प्रदेश सचिव आदर्श शर्मा ने बताया कि पेट्रोलियम कंपनियों का यह आदेश हाल ही में जारी किया गया है, जिसका असर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है।












