बरेली। बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता अपने सिर और हाथों में चीनी और प्याज की पॉलीथिन लेकर पहुंचे और बढ़ती कीमतों के जरिए सरकार के खिलाफ विरोध जताया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। इसके बाद सपा नेता संगीत सोम का पुतला फूंककर अपना आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन के बाद जिलाध्यक्ष एजाज अहमद के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी अविनाश सिंह के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित 20 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
चीनी-प्याज लेकर जताया महंगाई का विरोध
यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष एजाज अहमद के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे कार्यकर्ताओं ने कहा कि लगातार बढ़ती कीमतों से आम आदमी का घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। खाद्य पदार्थों, सब्जियों, दाल, खाद्य तेल, दूध सहित रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने से सीमित आय वाले परिवारों के सामने आर्थिक संकट बढ़ रहा है।
कार्यकर्ताओं ने चीनी और प्याज हाथों में लेकर महंगाई का विरोध किया। उन्होंने जमाखोरी, कालाबाजारी और मुनाफाखोरी पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग उठाई।
बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रिया पर उठाए सवाल
20 सूत्रीय ज्ञापन में सरकारी विभागों में रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग की गई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं। उन्होंने सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक व अन्य अनियमितताओं पर कठोर कार्रवाई की मांग की।
यूथ ब्रिगेड ने युवाओं के लिए रोजगार मेलों और कौशल विकास कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा स्वरोजगार के लिए आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।
भ्रष्टाचार पर निगरानी तंत्र मजबूत करने की मांग
कार्यकर्ताओं ने सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था बनाने की मांग की। उनका कहना था कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक सीधे और बिना बिचौलियों के पहुंचना चाहिए।
इसके अलावा जनशिकायतों का निर्धारित समय सीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई।
किसानों और मजदूरों के मुद्दे भी उठाए
20 सूत्रीय ज्ञापन में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने, कृषि लागत कम करने और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की मांग की गई। साथ ही मजदूरों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
कार्यकर्ताओं ने सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने, पर्याप्त दवाएं और जांच सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग भी की। बिजली, पानी, सड़क और नाली जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
राज्यपाल से कार्रवाई की मांग
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि महंगाई और बेरोजगारी का सीधा असर आम परिवारों और युवाओं पर पड़ रहा है। उन्होंने राज्यपाल से 20 सूत्रीय मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की।











