बरेली। बरेली कैंटोनमेंट बोर्ड ने नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। बोर्ड ने रोहिलखंड लेबोरेटरी एंड रिसर्च सेंटर (RLRC), बरेली के साथ साझेदारी कर कैंटोनमेंट क्षेत्र में जल गुणवत्ता की वैज्ञानिक निगरानी को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
यह पहल ‘नाथ गंगा परियोजना’ के तहत नकटिया नदी की स्वच्छता, जल गुणवत्ता परीक्षण, संरक्षण एवं पुनर्जीवन के व्यापक अभियान का हिस्सा है। इसी क्रम में 2 सितंबर को आरएलआरसी की वैज्ञानिक एवं तकनीकी टीम ने निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार कैंटोनमेंट क्षेत्र के नौ महत्वपूर्ण स्थानों से जल के नमूने एकत्र किए।
इनमें ट्रेंचिंग ग्राउंड से भूजल एवं टैंक का पानी, थिरिया पुल और धोपा मंदिर के पीछे से नकटिया नदी का जल, धोपा मंदिर के तालाब का पानी, कैंटोनमेंट बोर्ड कार्यालय में CEO डॉ. तनु जैन के कार्यालय का नल का पानी, सदर क्षेत्र की ओवरहेड टैंक, CF आवास संख्या 70, CF आवास (SS) और BI बाजार के जल नमूने शामिल हैं।
सभी नमूनों का आरएलआरसी की प्रयोगशाला में भौतिक, रासायनिक एवं अन्य प्रासंगिक जल गुणवत्ता मानकों के अनुसार वैज्ञानिक परीक्षण किया जाएगा। परीक्षण परिणामों के आधार पर जल की वर्तमान गुणवत्ता का आकलन कर आवश्यकता के अनुसार सुधारात्मक उपाय, नियमित निगरानी और जलस्रोतों के संरक्षण की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
जल संरक्षण के साथ पर्यावरण संरक्षण पर जोर
कैंटोनमेंट बोर्ड ने जल गुणवत्ता परीक्षण को केवल पेयजल तक सीमित न रखते हुए इसे व्यापक पर्यावरणीय प्रबंधन से जोड़ा है। नकटिया नदी के पुनर्जीवन के साथ जल संरक्षण, प्रदूषण की रोकथाम, हरित क्षेत्र का विकास, वृक्षारोपण, स्वच्छता, जैव विविधता संरक्षण और जनभागीदारी पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
‘नाथ गंगा परियोजना’ के माध्यम से नकटिया नदी को स्वच्छ, निर्मल एवं पर्यावरणीय रूप से स्वस्थ जलधारा के रूप में पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखा गया है। वैज्ञानिक परीक्षण से अभियान को डेटा आधारित और परिणामोन्मुख बनाने में मदद मिलेगी।
बरेली कैंटोनमेंट बोर्ड का लक्ष्य एक स्वच्छ, हरित, स्वस्थ एवं सतत कैंटोनमेंट विकसित करना है, जहां नागरिक सुविधाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जाए।
आरएलआरसी की ओर से कैंटोनमेंट बोर्ड की CEO डॉ. तनु जैन का इस महत्वपूर्ण पर्यावरणीय एवं जनहितकारी पहल से आरएलआरसी को जोड़ने के लिए आभार व्यक्त किया गया। साथ ही नकटिया नदी पुनर्जीवन एवं जल गुणवत्ता निगरानी के मिशन में बोर्ड को पूर्ण वैज्ञानिक एवं तकनीकी सहयोग प्रदान करने की प्रतिबद्धता जताई गई।











