बरेली। थाना कैंट पुलिस ने गौवध के मामले में वांछित चल रहे एक आरोपी को गुरुवार तड़के पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने घिरने के बाद पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान छोटा उर्फ राशिद पुत्र इब्राहिम, निवासी ग्राम मीरपुर वाहनपुर, थाना बीसलपुर, जनपद पीलीभीत, हाल निवासी ग्राम फरीदापुर चौधरी, थाना इज्जतनगर, बरेली के रूप में हुई है।
नकटिया नदी पुल के पास मिले थे गौवंशीय अवशेष
पुलिस के मुताबिक, 23 अगस्त 2026 को नकटिया नदी के पुल के पास हाईवे किनारे झाड़ियों में प्लास्टिक के कट्टे के अंदर गौवंशीय अवशेष मिले थे। सूचना पर कैंट पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और मु0अ0सं0 413/2026, धारा 3/5ए/8 गोवध निवारण अधिनियम के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
जांच के दौरान पुलिस ने 30 अगस्त को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस अब मामले में वांछित अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी
कैंट पुलिस के अनुसार, 3 सितंबर की सुबह करीब 3:30 बजे पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि गौवध के मुकदमे में वांछित आरोपी कठपुला पुल के रास्ते से गुजरने वाला है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कठपुला पुल के पास घेराबंदी की। इसी दौरान कृष्णा कॉलोनी की तरफ से एक व्यक्ति स्कूटी पर आता दिखाई दिया। पुलिस टीम को देखकर उसने स्कूटी की रफ्तार बढ़ा दी और भागने लगा। पीछा करने के दौरान गड्ढे और फिसलन के कारण उसकी स्कूटी पुल के पास गिर गई।
पुलिस पर फायरिंग का आरोप
पुलिस का दावा है कि स्कूटी गिरने के बाद आरोपी ने खुद को घिरा देखकर पुलिस टीम पर फायरिंग की और मैदान की ओर भागने लगा। पुलिस टीम ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी। घायल होने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
तमंचा, कारतूस और वध के उपकरण बरामद
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 315 बोर का अवैध तमंचा, तीन खोखा कारतूस, बिना नंबर प्लेट की स्कूटी, मोबाइल फोन और पशु वध में इस्तेमाल होने वाले दो छुरे समेत अन्य सामान बरामद करने का दावा किया है।
घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाने के साथ ही मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। मुठभेड़ के संबंध में अलग से अभियोग दर्ज करने की कार्रवाई भी प्रचलित बताई गई है।












