बरेली : महापौर डॉ. उमेश गौतम के रक्षाबंधन कार्यक्रम के बाद महिला की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हुई भगदड़ की खबर ने शहर में चर्चा तेज कर दी थी। अब मृतका मधु के पति भगवान सिंह फौजी के बयान के बाद मामले में नया मोड़ सामने आया है। पति ने स्पष्ट किया है कि उनकी पत्नी कार्यक्रम में शामिल हुई थीं और कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सुरक्षित बाहर निकल गई थीं।:
भगवान सिंह फौजी के मुताबिक, घर लौटते समय रास्ते में अचानक मधु की तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें तत्काल मिशन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उपचार का प्रयास किया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
पति ने कहा कि मधु पहले से बीमार रहती थीं और उनकी मौत कार्यक्रम में किसी भगदड़, दबने या हादसे के कारण नहीं हुई।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी भगदड़ की खबर
महिला की मौत के बाद सोशल मीडिया पर कई पोस्ट और संदेश वायरल हुए, जिनमें दावा किया गया कि रक्षाबंधन कार्यक्रम के दौरान भगदड़ मचने से महिला दब गई और उसकी मौत हो गई। परिवार के बयान के बाद इन दावों की सत्यता पर सवाल उठने लगे हैं।
हालांकि, कथित भगदड़ को लेकर अंतिम स्थिति तभी स्पष्ट होगी, जब पुलिस जांच, चिकित्सकीय दस्तावेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों से इसकी पुष्टि हो।
बिना पुष्टि के खबर फैलाने पर उठे सवाल
मामले में अब यह सवाल भी उठ रहा है कि महिला की मौत को कार्यक्रम की कथित भगदड़ से जोड़ने वाली जानकारी किस आधार पर सामने आई। संवेदनशील मामलों में सोशल मीडिया पर किसी भी दावे को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि करना जरूरी है।
महापौर की छवि को लेकर भी चर्चा
घटना को भगदड़ से जोड़कर प्रचारित किए जाने के बाद महापौर डॉ. उमेश गौतम की छवि को लेकर भी सोशल मीडिया पर चर्चाएं शुरू हुईं। कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक या व्यक्तिगत स्वार्थ से जोड़कर सवाल उठाए हैं।
हालांकि, महापौर की छवि खराब करने की किसी सुनियोजित साजिश अथवा किसी व्यक्ति द्वारा रकम मांगने जैसे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए ऐसे दावों को जांच और ठोस साक्ष्य के बिना तथ्य मानना उचित नहीं होगा।
परिवार ने की अफवाहों से बचने की अपील
मधु के परिवार ने लोगों से अपील की है कि महिला की मौत जैसे संवेदनशील मामले में बिना पुष्टि के कोई पोस्ट या संदेश वायरल न करें। परिवार का कहना है कि गलत खबरों से पहले से दुखी परिजनों की परेशानी और बढ़ती है।
फिलहाल मृतका के पति का बयान यही बताता है कि मधु कार्यक्रम से सुरक्षित निकली थीं और इसके बाद रास्ते में उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। पूरे मामले की वास्तविक स्थिति आधिकारिक जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
संवाददाता रोहिताश कुमार











