बरेली। इनवर्टिस विश्वविद्यालय में चार दिवसीय राष्ट्रीय कला कार्यशाला का समापन 22 मार्च 2026 को अत्यंत गरिमामय और आध्यात्मिक वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह आयोजन कला साधना के एक महायज्ञ के रूप में देखा गया, जिसमें देशभर से आए कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन किया।
इस कार्यशाला का आयोजन उत्कर्ष ललित कला अकादमी द्वारा किया गया, जबकि मेजबानी इनवर्टिस विश्वविद्यालय ने की। पूरे कार्यक्रम के दौरान कला, संस्कृति और सृजनशीलता का अनूठा संगम देखने को मिला।
मुख्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कुलाधिपति एवं बरेली के महापौर डॉ. उमेश गौतम उपस्थित रहे। उनके साथ प्रो-चांसलर पार्थ गौतम, प्रांत संघ चालक (बृज प्रांत) शशांक भाटिया, उत्तर प्रदेश के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. अरुण कुमार तथा अयोध्या राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के मीडिया समन्वयक शरद शर्मा भी मौजूद रहे।
कलाकारों का सम्मान
इस अवसर पर कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित किया गया।
शिवेंद्र सिंह, कावेरी विज, रामशब्द सिंह, अनंता कटियाल, नम्रता स्वर्णकार, मधु, कुमकुम भारद्वाज, नवल किशोर एवं वीरेंद्र वर्मा को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्रदान किया गया।
वहीं उभरते कलाकारों—रोशनी अग्रवाल, ओम प्रकाश सिंह, सरोज रानी, हिमांशु कुमार, शुभम राठौर, त्रप्ति रंजन एवं विकास—को उनकी उत्कृष्ट कलाकृतियों के लिए 10,000 रुपये की सम्मान राशि देकर प्रोत्साहित किया गया।
कला को बताया आत्मा की अभिव्यक्ति
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मा की अनुभूति और ईश्वर से जुड़ने का सशक्त माध्यम है।
समापन समारोह हर्ष, उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ, जिसमें कला और संस्कृति के प्रति गहरा सम्मान झलकता रहा।












