बरेली। जनपद में दंगे के एक नामजद आरोपी को बचाने के प्रयास में सुनियोजित साजिश का मामला सामने आया है। पुलिस पर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। पूरा प्रकरण पुलिस ने गंभीरता से लिया है और मामले की बहुआयामी जांच जारी है।
थाना बारादरी में दर्ज मुकदमा संख्या 1146/2025 के वांछित अभियुक्त सलाउद्दीन की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी सूफी टोला स्थित अपनी डेरी में मौजूद है।
गेट बाहर से बंद मिला, अंदर से नहीं खोला गया
सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुँची, लेकिन डेरी का मुख्य गेट बाहर से बंद मिला। आवाज लगाने पर भी अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। संदेह के आधार पर पुलिस ने आवश्यक बल प्रयोग करते हुए गेट खुलवाया।
अंदर मौजूद मोहम्मदउद्दीन ने पूछताछ में बताया कि सलाउद्दीन थोड़ी देर पहले ही डेरी से निकल गया था और उसी के कहने पर गेट नहीं खोला गया। पुलिस को शक है कि आरोपी को जानबूझकर भगाया गया।
वीडियो वायरल करने की धमकी देकर दबाव
इसी बीच चौकी मॉडल टाउन पर तैनात एक पुलिसकर्मी को सुधांशु पाण्डेय उर्फ सैनी नाम व्यक्ति का फोन आया। उसने दावा किया कि उसके पास थाने से संबंधित एक वीडियो मौजूद है, जिसे आरोपी के भाई ने भेजा है।
उसने धमकी दी कि यदि पुलिसकर्मी उससे नहीं मिला तो वह वीडियो एक घंटे के भीतर वायरल कर देगा। पुलिस इसे आरोपी को बचाने के लिए बनाई गई दबाव रणनीति मान रही है।
साजिश में कई लोगों की सक्रिय भूमिका की आशंका
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कुछ लोग इस पूरे मामले में सक्रिय रूप से शामिल हैं और संभवत: इसका अनुचित लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि आरोपी के फरार होने में किस-किस ने मदद की और वीडियो धमकी के पीछे कौन लोग हैं।
पुलिस की जांच और कार्रवाई जारी
अधिकारियों ने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, आरोपी सलाउद्दीन की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।












