बरेली। बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र स्थित केंद्रीय कारागार-2 बरेली के बाहर एक युवक की बनाई गई भौकाल स्टाइल रील सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जेल प्रशासन पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। रिहाई के तुरंत बाद युवक ने जेल गेट पर ही फिल्मी अंदाज में वीडियो शूट कराया, जिसमें बैकग्राउंड म्यूजिक, दबंग पोस्ट्चर और गैंगस्टर स्टाइल में उसका एटीट्यूड साफ दिख रहा है। वीडियो में अंदाज ऐसा मानो जेल जाना कोई सजा नहीं बल्कि स्टेटस सिंबल हो।
सबसे बड़ी चिंता इस बात को लेकर है कि जिस जगह पर सुरक्षा और निगरानी सबसे सख्त होनी चाहिए, वहीं जेल के मुख्य द्वार पर इस तरह की गतिविधि खुलेआम कैसे हो गई? यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या जेल गेट पर सुरक्षा प्रोटोकॉल नाम की कोई व्यवस्था मौजूद नहीं थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जेल सुधार का उद्देश्य अपराधियों को बेहतर मार्ग पर लाना है, लेकिन बाहर आते ही रील बनाना और उसे सोशल मीडिया पर डालकर दबदबा दिखाना बेहद चिंताजनक है। क्या रिहा होने वाले आरोपियों के डिजिटल व्यवहार पर कोई मॉनिटरिंग नहीं होती?
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी रीलें सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज में गलत संदेश फैलाती हैं। ये अपराध को ग्लैमराइज करती हैं, कानून-व्यवस्था को कमजोर दिखाती हैं और युवा वर्ग पर गलत प्रभाव डालती हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद अब सवाल प्रशासन और जेल सुरक्षा व्यवस्था दोनों पर खड़े हो रहे हैं। बताया जाता है कि मामला केंद्रीय कारागार-2 बरेली के बाहर का है और पुलिस तथा जेल प्रशासन इस पूरे मामले की जांच में जुटे हैं।












