ICCC की 24 घंटे निगरानी से 13 लोगों को मिला खोया सामान, नकदी से लेकर सोने के आभूषण और मोबाइल तक बरामद

बरेली। जनपद में स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) की पुलिस टीम ने सीसीटीवी कैमरों की 24 घंटे निगरानी और तकनीकी विश्लेषण के जरिए खोए और छूटे हुए कीमती सामान को बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। 1 अगस्त से 31 अगस्त 2026 के बीच ICCC कार्यालय में नागरिकों की ओर से विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए दिए गए प्रार्थना-पत्रों में से 13 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली के निर्देश और पुलिस अधीक्षक यातायात के पर्यवेक्षण में ICCC टीम ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों, वीडियो एनालिटिक्स, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल मॉनिटरिंग की मदद से खोए अथवा छूटे सामान को ट्रेस किया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद लोगों को उनका जरूरी और कीमती सामान वापस मिल सका।
नकदी, सोने के आभूषण और मोबाइल समेत सामान बरामद
निस्तारित मामलों में अमन पटेल निवासी सनराइज लेज, बरेली का मोबाइल फोन बरामद कर वापस कराया गया। वहीं आरिफ निवासी सरदार नगर, थाना फरीदपुर के 49 हजार रुपये नकद और दो तोला सोने के आभूषण बरामद किए गए।
कासगंज-बदायूं निवासी विनोद कुमार का बैग, जरूरी कागजात और कपड़े भी पुलिस ने तलाश कर बरामद किए। हरदोई के शाहाबाद निवासी अनामिका का बैग तथा फतेहगंज पश्चिमी के ग्राम चटौली निवासी दुर्गा प्रसाद का मोबाइल फोन और बैग भी सीसीटीवी की मदद से बरामद कर वापस कराया गया।
नवाबगंज निवासी फराज का बैग, सेंट्रल स्टेट कॉलोनी निवासी प्रशान्त माहेश्वरी का लैपटॉप, संजय नगर निवासी शिवांश श्रीवास्तव का पर्स और बैग तथा सीतापुर के महंदी टोला निवासी अमरीश शुक्ला का बैग भी पुलिस ने बरामद किया।
इसके अलावा सेंथल निवासी आजिल अली का बैग और शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, थाना सुभाषनगर में तैनात आरक्षी सत्यम तोमर का पर्स, रुपये और सभी आईडी कार्ड, बदायूं के आदर्श नगर निवासी प्रांजल का बैग व शैक्षणिक प्रमाण-पत्र तथा थाना कोतवाली में तैनात आरक्षी अक्षय बालियान का बैग भी बरामद कर संबंधित लोगों को सौंपा गया।
24 घंटे सीसीटीवी निगरानी से मिल रही मदद
पुलिस के अनुसार ICCC में तैनात टीम शहर में लगे हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी करती है। किसी नागरिक का सामान खोने या छूटने की सूचना मिलने पर संबंधित स्थान और समय के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाते हैं। इसके बाद वीडियो एनालिटिक्स और डिजिटल मॉनिटरिंग की सहायता से सामान की आवाजाही और संबंधित गतिविधियों को ट्रेस किया जाता है।
इस तकनीकी प्रक्रिया के जरिए पुलिस टीम कई मामलों में सामान तक पहुंचने और उसे उसके वास्तविक स्वामी को वापस करने में सफल रही। इससे नागरिकों की शिकायतों का डिजिटल और प्रभावी तरीके से निस्तारण होने के साथ ही सीसीटीवी आधारित पुलिसिंग को भी मजबूती मिल रही है।
निगरानी और ट्रेसिंग टीम ने निभाई अहम भूमिका
सीसीटीवी निगरानी टीम में म0उ0नि0 शालू पंवार, कांस्टेबल अकरम, कांस्टेबल वरुण कुमार और कांस्टेबल चंदन किशोर शामिल रहे। वहीं सामान को ट्रेस करने वाली टीम में उपनिरीक्षक मयंक, उपनिरीक्षक निखिल कुमार, महिला कांस्टेबल स्वाति और कांस्टेबल नितिन कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस की इस पहल से लोगों में सीसीटीवी आधारित पुलिसिंग के प्रति भरोसा बढ़ रहा है। मोबाइल, लैपटॉप, बैग, नकदी, आभूषण, पहचान पत्र और शैक्षणिक प्रमाण-पत्र जैसे जरूरी सामान की बरामदगी से संबंधित नागरिकों को बड़ी राहत मिली है।

संवाददाता— रोहिताश कुमार

Jageshwar News
Author: Jageshwar News

Leave a Comment

और पढ़ें

best news portal development company in india

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें