बरेली। नगरिया परीक्षित के वार्ड-51 में नगर निगम ने बुधवार को बड़ी अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की। खलिहान खाते में दर्ज नगर निगम की 0.624 हेक्टेयर भूमि पर किए गए करीब 12 अतिक्रमणों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान दुकानें, कच्चे मकान, झोपड़ियां और जमीन पर बने अवैध इमामबाड़े को भी हटाया गया।
नगर निगम की प्रवर्तन टीम दो बैकहो लोडर के साथ मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान पुलिस और पीएसी का पर्याप्त बल तैनात रहा। सुरक्षा व्यवस्था के बीच चिह्नित अवैध निर्माणों को हटाया गया और कई घंटे चली कार्रवाई के बाद जमीन को अतिक्रमणमुक्त कर नगर निगम ने अपने कब्जे में ले लिया।
शिकायत के बाद शासन तक पहुंचा था मामला
नगरिया परीक्षित के पार्षद एवं पूर्व उप सभापति महेश राजपूत ने नगर निगम की जमीन पर अवैध कब्जे का मामला उठाया था। शिकायत में सरकारी भूमि पर दुकानें, कच्चे मकान और झोपड़ियां बनाए जाने के साथ ही एक हिस्से में इमामबाड़ा बनाए जाने की बात कही गई थी।
मामला नगर निगम बोर्ड से लेकर शासन स्तर तक पहुंचा। लगातार शिकायत और पैरवी के बाद नगर निगम प्रशासन ने कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
दो बुलडोजर के साथ पहुंची नगर निगम की टीम
बुधवार दोपहर करीब 12 बजे नगर निगम की प्रवर्तन टीम दो बैकहो लोडर लेकर मौके पर पहुंची। पुलिस और पीएसी की मौजूदगी में चिह्नित अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।
इस दौरान दुकानें, कच्चे मकान, झोपड़ियां और अन्य निर्माण ध्वस्त किए गए। नगर निगम के मुताबिक करीब 12 अतिक्रमणों को हटाकर भूमि को कब्जामुक्त कराया गया।
राजस्व अभिलेखों में खलिहान खाते में दर्ज है जमीन
नगर निगम के अनुसार गाटा संख्या 02, 03 और 04 की कुल 0.624 हेक्टेयर भूमि निगम की संपत्ति है। राजस्व अभिलेखों में यह जमीन खलिहान खाते में दर्ज है। निगम प्रशासन ने भूमि की मौजूदा अनुमानित कीमत करीब 2.5 करोड़ रुपये बताई है।
दोबारा कब्जा रोकने की तैयारी
अतिक्रमण हटाने के बाद नगर निगम ने जमीन को अपने कब्जे में ले लिया है। अब दोबारा अवैध कब्जा न हो, इसके लिए भूमि को सुरक्षित करने की तैयारी की जा रही है।
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि नगर निगम और सार्वजनिक जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। चिह्नित अतिक्रमणों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।











